कितना सच कहा है !


शायर के एक एक शब्द में कितना गहन अर्थ छुपा होता है - वाह वाह !

टूटे दिलों को जोडना आसान नही है दोस्त
 सर्जन यहां पे फेल है साईंस यहां पे फेल   - फिक़्र्

टूटे हुये रिश्तो ने कईं जख्म दिये है
अब और ज़माने मे किसे दोस्त बनाऊ     - हस्नी सुरूर

टूटे इक ख्वाब तो आँखे नही फोडा करते
जीने वाले कभी जीना नही छोडा करते     - अहमद कमाल

ठोकर से मेरा पांव तो जख्मी हुआ ज़रूर
रस्ते मे जो खडा था वो कोहसार हट गया  - शकेब ज़लाली

ठोकरें खाइये, पत्थर भी हटाते चलिए
आने वालों के लिए राह बनाते चलिए

टूटेंगी ज़ब नींद से पलकें सो जाऊंगा चुपके से
जिस जंगल मे रात पडेगी मेरा घर हो जायेगा  - कैसरूल ज़ाफरी

मन से कचरा डिलीट करें


एक दिन देखता हूँ कि मोबाइल चलते-चलते कभी धीरे चलने लगता है, तो कभी हैंग होने लगता है।
एक जानकार ने बताया इसे हलका करना जरूरी है, फोन ओवरलोड हो गया है। इसलिए चलने में दिक्कत करता है।

मैंने बेकार की तस्वीरें, फाइलें, डाटा डीलीट कर दिये। चमत्कार सा हो गया। फोन चलने ही नहीं, दौड़ने लग गया।

फोन क्या चलने लगा, दिमाग का इंजन दौड़ने लगा।

मन में आया कि यदि अनपेक्षित सामाग्री मिटाने से एक निर्जीव फोन तीव्र गति से चल सकता है, तो मन में  भरी हुई, जमी हुई अनावश्यक यादगारें, अप्रिय  घटनाएँ, वैर विरोध की भावनाएँ आदि-आदि सारी नकारात्मकताएँ  मिटा दी जाएँ, भूला दी जाएं, तो आत्मा का पट सद्विचारों,  सकारात्मकताओं के लिए खाली हो जाए।

जीवन बहुत  छोटा है। क्यों न नकारात्मक विचारों के कचरे को मन से डिलीट कर के जीवन को खुल कर आनन्द से जिया जाए?